Category Archives: Computer

Photoshop me Hindi me Type kaise kare.

Photoshop me Hindi me Type kaise kare :- आपने शादी आदि के एल्बम तो देखे ही होंगे, आपके क्या कभी एक बात पर गौर किया है कि वो Photo काफी अलग तरह की होती है।

यानी कि उन photo की Quality आपके द्वारा ली गई फ़ोटो की तुलना में काफी बेहतर होती है। असल मे यह सब एक Photoshop की वजह से होता है।

आज Photo Editing के लिए Photoshop सबसे बेहतर Option माना जाता है। उसके पीछे की वजह है Photoshop के कई ऐसे Features जो Photo Editing को बहुत आसान बना देते हैं।

आज के इस आर्टिकल में हम जानेंगे कि Photoshop में Hindi type कैसे करें.

Photoshop क्या है?

Photoshop एक Photo Editing, Image Creation, और Graphic Designing App है। इस App को adobe System के द्वारा Devolop किया गया है।

यह App इन सबके अलावा 3D Graphics और Text Editing को भी Support करता है। Back Ground Editing, किसी भी View को अलग ढंग से दिखाना जैसे कई काम Photoshop के जरिए किया जा सकता है।

Photoshop में कुछ इस तरह के tools मौजूद होते हैं जो कि individual images के साथ साथ कई photo के Batch को भी Edit कर सकते हैं।

ऐसा नही है कि Photoshop का सिर्फ एक ही Version आज उपलब्ध है। 1988 में Launch के बाद से Photoshop के कई अलग अलग Version आ चुके हैं।

जैसे कि Photoshop CC, Photoshop Elements, और Photoshop Lightroom.

Photoshop के Features क्या क्या हैं?

 Photoshop आज Photo editing के लिए सबसे Best App सिर्फ अपने Features के चलते माना जाता है।

Photoshop में कई ऐसे Features हैं जो Photo Editing को न सिर्फ आसान और बेहतर बना देते हैं बल्कि Photo की खूबसूरती को बहुत अधिक बढ़ा देते हैं।

ऐसे ही कुछ Features इस प्रकार है:-

  • इसमें History का एक Option होता है जिसका उपयोग करके आप किसी भी Edit की गई फ़ोटो को पुराने रूप में ला सकते हैं।
  • Photoshop में Image के Size को अलग अलग तरह से बदला जा सकता है।
  • यदि Photoshop पर काम करते वक़्त कोई गलती हो गई है तो आप उसे Undo करके वापस सुधार सकते हैं।

Photoshop में Hindi कैसे टाइप करें?

 Photoshop में हिंदी Font में type करने के लिए कई लोग कोशिश करते हैं लेकिन सही तरीका पता न होने के कारण वह कर नही पाते।

हालांकि Photoshop में हिंदी Font में Type करना इतना आसान भी नही होता है। इसलिए आज हम आपको एक आसान सा तरीका बताने जा रहे हैं।

इसको अपनाकर आप Photoshop में आसानी से Hindi Font में typing कर सकते हैं।

Photoshop me Hindi me Type.

  • Photoshop में Hindi Type करना आसान नही है क्योंकि कंप्यूटर में यह Font उपलब्ध नही होते हैं। इसलिए सबसे पहले आपको Hindi Font Download करना होगा।
  • Hindi Font Download करने के बाद आपको उस File को Unzip करना है। अब वहां से Font को Ctrl+ A दबाकर Select करना है। इसके बाद “Ctrl + C” दबाकर कॉपी करना है।
  • अब आपको Control Pannel में जाना है। यहाँ पर आपको Font का विकल्प दिखाई देगा। अब आपको उन Fonts को इस Folder में Paste कर देना है।
  • अगर System Font Replace के लिए पूछता है तो आप Yes कर दें।
  • इसी के साथ आपके System में Hindi Font Install हो चुके हैं।

Photoshop me Hindi me Type kaise kare.

  • अब आपको अपने System में Photoshop खोलना है। यहाँ पर “Ctrl+N” दबाएं, जिससे कि एक नई File खुल जाएगी।
  • अब आपको यहाँ पर Typing Tool को Select करना है। Select करने के बाद आप अपनी इच्छा के अनुसार कुछ भी Type कर सकते हैं।
  • अब जो भी Text आपने लिखा है उसे Select करें और फिर Hindi Font select कर लें.
  • हिंदी Font Select करते ही आपका सारा Text हिंदी में बदल जाएगा, और इस तरह से आपको अपनी फोटो में हिंदी Text मिल जाएगा।

आशा है आपको इस आर्टिकल की मदद से जानने में Help मिलेगी कि Photoshop me hindi Font kaise Type करें.

वेब ब्राउज़र क्या है और कैसे कार्य करता है।

web browser full information in Hindi: जो लोग मोबाइल, लैपटॉप या फिर टेबलेट का आदि का इस्तेमाल करते हैं वे अपने इलेक्ट्रॉनिक गैजेट में मौजूद वेब ब्राउज़र का भी इस्तेमाल करते हैं। वेब ब्राउज़र के माध्यम से ही हम किसी भी प्रकार का डाटा इंटरनेट पर सर्च कर पाते हैं और उसका इस्तेमाल कर पाते हैं।

कई लोग ऐसे हैं जो वेब ब्राउज़र तो इस्तेमाल करते हैं, परंतु उन्हें पता नहीं रहता है, कि आखिर यह वेब ब्राउज़र क्या ( what is web browser in Hindi ) होता है।

आज हम इस लेख के माध्यम से आप सभी लोगों को वेब ब्राउज़र क्या है और यह किस प्रकार से कार्य करता (how to work web browser in Hindi ) है। इन सभी चीजों के संबंधित विस्तार से जानकारी देंगे तो कृपया आप हमारे इस महत्वपूर्ण लेखक को आप अंतिम तक अवश्य पढ़ें।

वेब ब्राउज़र क्या होता है ? (What is web browser in Hindi )

वेब ब्राउज़र हम उसे कहते हैं, जिसके इस्तेमाल से हम इंटरनेट को एक्सेस कर पाते है। बिना वेब ब्राउज़र के इंटरनेट अधूरा है और बिना इंटरनेट के वेब ब्राउज़र अधूरा है। इंटरनेट पर मौजूद सभी प्रकार के डाटा को वेब ब्राउज़र यूजर की या कंप्यूटर की भाषा में प्रदर्शित करता है।

जब कोई इंटरनेट यूजर अपने लिए किसी भी प्रकार का डाटा जैसे कि :- ग्राफिक, मल्टीमीडिया, वेब प्रोग्राम या फिर साधारण टेक्स्ट को इंटरनेट पर एक्सेस करता है, तो उसे उसका डाटा वेब ब्राउज़र ही उसकी भाषा में ट्रांसलेट करके प्रदर्शित करने का कार्य करता है।

ब्राउज़र कैसे कार्य करता है ? (How to work web browser in Hindi)

हमने तो यह जान लिया कि जब ब्राउज़र क्या होता है, परंतु अभी यह नहीं जाना कि वेब ब्राउज़र कैसे कार्य करता है।अगर हम आपको सरल शब्दों में वेब ब्राउज़र के कार्य प्रणाली को समझाने का प्रयास करें तो यह पता चलता है, कि कोई भी वेब ब्राउजर अपने उपभोक्ताओं को वर्ल्ड वाइड वेब का इस्तेमाल करके वेब पेज को खोज कर अपने उपभोक्ताओं के सामने प्रदर्शित करने का कार्य मुख्य रूप से करता है।

वर्ल्ड वाइड वेब में दुनिया के सभी प्रकार के कंटेंट उपलब्ध और स्टोर रहते हैं। इसके अंतर्गत टेक्स्ट, इमेज, वीडियो और अन्य फाइलों को लोकेट रिट्रीव और डिस्प्ले करने का कार्य होता है।

अगर हम इसे आपको और सरलता पूर्वक समझाने का प्रयास करें तो आप समझेंगे कि अभी हमारे जो वेबसाइट का यूआरएल है यदि हम इसे अभी गूगल या किसी अन्य सर्च इंजन पर सर्च करेंगे, तो यह हमारे सामने बड़ी जल्दी प्रदर्शित हो जाएगा।

यह सभी कार्य की सहायता से संपूर्ण हो पाते हैं।यह प्रक्रिया हमें देखने और सुनने में तो काफी सरलता पूर्वक लग रही है, परंतु वास्तविक रूप में यह प्रक्रिया बहुत ही जटिल और आसान रूप से नहीं की जा सकती है।

वेब ब्राउज़र का इस्तेमाल आखिर क्यों किया जाता है ? ( Why we use web browser in Hindi )

हम वेब ब्राउज़र का इस्तेमाल अपने गैजेट को इस्तेमाल करने के दौरान ही करते हैं। बिना हम वेब ब्राउज़र की सहायता से किसी भी प्रकार का इंटरनेट से संबंधित कार्य नहीं कर पाएंगे।

वेब ब्राउज़र के जरिए ही हम इंटरनेट पर मौजूद फिल्मों को डाउनलोड कर सकते हैं और गानों को ऑनलाइन या ऑफलाइन सुन सकते हैं। इसके अतिरिक्त भी अनेकों प्रकार के कार्य हम वेब ब्राउज़र की सहायता से ही कर पाते हैं।

वेब ब्राउज़र कितने प्रकार के होते हैं और उनकी सूची क्या है ? (How many types of web browsers and web browser list in Hindi)

यदि हम वेब ब्राउजरइंटरनेट पर सर्च करें तो हमें अनेकों प्रकार के नए-नए वेब ब्राउज़र देखने को मिल जाते हैं परंतु कुछ ऐसे वेब ब्राउज़र है, जिन्हें हम अपने computer, mobile, laptop and tablet आदि में इस्तेमाल करते हैं। हमें यहां पर कुछ बेहतरीन वेब ब्राउज़रओं की सूची तैयार की है, जो इस प्रकार से निम्नलिखित है।

  • Google Chrome ( mobile, PC and tablet )
  • Internet explorer (PC)
  • Microsoft edge (PC, mobile and tablet)
  • Mozilla Firefox ( mobile, PC and tablet )
  • Safari ( mobile, PC and tablet )
  • Opera ( mobile, PC and tablet )
  • Lynx (Linux PC)

ध्यान दें :- भारत सरकार ने अभी हाल ही में चीनी कंपनी के कई सारे एप्लीकेशन को और वेब ब्राउज़रों को भारत देश में बंद कर दिया है। कई सारे भारत में ऐसे वेब ब्राउज़र मौजूद थे, जो चीनी निर्माता कंपनियों के थे। जब से भारत सरकार ने चीनी एप्लीकेशन पर एवं वेब ब्राउज़र पर पाबंदी लगाई है तब से आप कोई भी चीनी एप्लीकेशन या वेब ब्राउज़रों को अपने भारत देश में इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे।

निष्कर्ष :-

हमें उम्मीद है कि आज का हमारा यह महत्वपूर्ण लेख आपको पसंद आया होगा और आपको अब तक वेब ब्राउज़र क्या है और यह कैसे कार्य करता है, इन सभी चीजों से संबंधित जानकारियां को आसानी से समझने में कोई भी कठिनाई नहीं आई होगी।

यदि आपको हमारा यह लेख पसंद आता है, तो आप इसे अपने मित्र जन एवं परिजन के साथ अवश्य साझा करें।

Computer operator बनाने का सबसे आसान तरीका क्या है ?

आज के समय में प्रत्येक व्यक्ति को computer के बारे में जानकारी होना बेहद जरूरी है। आज के समय में नौकरी ना मिलने पर आप कंप्यूटर का coarse करके online working का काम शुरू करके अपना रोजगार शुरू कर सकते हैं। आज के इस लेख में हम computer operator बनाने के कुछ simple tips आपको बताने वाले हैं। तो आप हमारे इस important writing को अंत तक अवश्य पढ़ें।

कंप्यूटर ऑपरेटर क्या होता है ? ( What is computer operator ) :–

यदि आप में से कोई भी व्यक्ति कंप्यूटर ऑपरेटर बनाना चाहता है , तो उस व्यक्ति को computer operating के बारे में अच्छी खासी जानकारी होनी चाहिए। यदि उस व्यक्ति का पास कंप्यूटर ऑपरेटिंग की अच्छी खासी जानकारी होती है , तो वह बड़ी ही आसानी computer operator से बन सकता है।

कंप्यूटर ऑपरेटर का कार्य कंप्यूटर में input Data को inter करना होता है। उस व्यक्ति की टाइपिंग स्पीड अच्छी होने के साथ-साथ उसे keyboard , mouse , printer शादी के बारे में अच्छी खासी जानकारी होनी चाहिए।

कंप्यूटर ऑपरेटर कैसे बने ? ( How we make computer operator ) :–

बिना किसी शैक्षणिक योग्यता के कोई भी व्यक्ति किसी प्रकार की Job को हासिल नहीं कर सकता हैं। आइए हम सभी computer operator बनने के लिए क्या क्या योग्यताएं होनी चाहिए।

शैक्षणिक योग्यता :-

वह व्यक्ति जो computer operator बनने के लिए apply करता है , वह व्यक्ति 12th pass होना चाहिए। आपसे कभी कभी graduation भी मांगा जाता है , graduation के साथ साथ आपसे 6 महीने का diploma course का sertificate मांगा जाता है । हालांकि यह सर्टिफिकेट आपके Post पर निर्भर करती है , कि आप इस पोस्ट के लिए apply करते हैं।

Candidate का age :-

Computer operator बनने के लिए उस व्यक्ति की age minimum 18 वर्ष और maximum 30 वर्ष की होनी चाहिए। उम्मीदवार 18 वर्ष से कम या फिर 30 वर्ष से अधिक आयु का होता है , तो उसके द्वारा किए गए apply को निरस्त कर दिया जाएगा।

निष्कर्ष :-

उम्मीद करते हैं , कि हमारे द्वारा बताए गए तरीकों के माध्यम से ही आप आप बड़ी ही आसानी से कंप्यूटर ऑपरेटर बन सकते हैं।यदि आपको हमारा यह लेख पसंद आया हो , तो आप इसे अपने मित्र जन एवं परिजन के साथ अवश्य साझा करें और यदि आप अपने विचारों एवं अपने सुझावों को हमसे साझा करना चाहते हैं , तो हमें कमेंट बॉक्स में अवश्य बताएं।

विंडो डिफेंडर क्या है और कैसे Use करते हैं।

विंडो डिफेंडर क्या है और कैसे Use करते हैं:- जैसा कि आप जानते हैं , आज टेक्नोलॉजी स्तर तक बढ़ गई है , कि अधिक टेक्नोलॉजी के संसाधन की वजह से आज कोई भी चीज जो इंटरनेट से कनेक्टेड हो वह पूरी तरह से सिक्योर नहीं है।

ऐसे में सभी लोग जो कंप्यूटर या लैपटॉप यूज करते हैं , वह लोग अपने सिक्योरिटी(how to secure laptop or computer without antivirus) के लिए प्रीमियम एंटीवायरस (premium antivirus) का प्रयोग करते हैं।

मार्केट में मिलने वाले सभी प्रकार के प्रीमियम एंटीवायरस बहुत ही महंगे होते हैं और इन्हें प्रतिवर्ष का कुछ शुल्क देकर आगे कंटिन्यू रखना पड़ता है। ऐसे में आपके लैपटॉप और कंप्यूटर की सिक्योरिटी(free antivirus for laptop and computer in Hindi) पर आपको काफी पैसे खर्च करने पड़ते हैं।

आज हम आपको आपके लैपटॉप या कंप्यूटर में फ्री में पहले से ही मौजूद एंटीवायरस के बारे में बताने वाले हैं। यह आपके कंप्यूटर और लैपटॉप को रियल टाइम सिक्योरिटी प्रोवाइड(free realtime security for your computer and laptop in Hindi) करता है।

यह लेख आपके लिए बहुत ही इंपॉर्टेंट होने वाला है , यदि आप अपने कंप्यूटर और लैपटॉप को हैकिंग जैसी समस्या से बचाना चाहते हैं , तो हमारे इस लेख को अंतिम तक अवश्य पढ़ें।

विंडो डिफेंडर क्या है (what is window defender in Hindi) ?

Window defender full information in Hindi :- आपके लैपटॉप या कंप्यूटर में पहले से ही माइक्रोसॉफ्ट का प्रोग्राम विंडो डिफेंडर प्री-इंस्टॉल होता है।यह एक प्रकार से प्रीमियम एंटीवायरस की तरह ही आपके कंप्यूटर और लैपटॉप को रियल टाइम सिक्योरिटी प्रोवाइड करता है।

आपको इसे इंस्टॉल करने के लिए किसी और पार्टी वेबसाइट या फिर किसी थर्ड पार्टी सॉफ्टवेयर को इंस्टॉल (free antivirus window defender for your laptop and computer) करने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। माइक्रोसॉफ्ट कंपनी पहले से ही आपके कंप्यूटर या लैपटॉप में इस विंडो डिफेंडर को इंस्टॉल करके आपको प्रोवाइड करती है।

इसके प्रयोग से आपको कई प्रकार की अनचाही इंटरनेट की एक्टिविटी (how to protect laptop and computer from hacking without any antivirus) से बता सकता है जैसे कि :- वायरस , पॉप आप, वायरस अटैक या फिर किसी भी प्रकार का हैकिंग एक्टिविटी से भी आपको सूचना प्रदान करता है। यह बिल्कुल पूरी तरह से मुफ्त में माइक्रोसॉफ्ट के उपभोक्ताओं को प्रदान किया जाता है।

विंडो डिफेंडर को किस प्रकार से एक्टिवेट करते हैं (How to Activate windows defender software on computer in Hindi) ?

How to setup windows defender in Hindi:– आपके लैपटॉप या कंप्यूटर में विंडो डिफेंडर को चेकअप करने के लिए नीचे कुछ आसान स्टेप दिए गए हैं , जिन्हें आप फॉलो करके इस फ्री के एंटीवायरस को अपने लैपटॉप या कंप्यूटर में शुरू कर सकते हैं।

Step .1 सबसे पहले आपको अपने लैपटॉप या कंप्यूटर में कंट्रोल पैनल को ओपन करना है या फिर ऑफ विंडो के आइकन पर क्लिक करके , आप इतने सर्च बॉक्स में विंडो डिफेंडर लिखकर सर्च कर सकते हैं।

Step . 2 जैसे ही आप अपने कंप्यूटर या लैपटॉप में अपने कंट्रोल पैनल को ओपन करते हैं , तो इसके बाद आपके सामने एक कैटेगरी का विकल्प दिखाई देता है और इसी विकल्प पर आपको अपने आइकन के माध्यम से क्लिक करना है।

Step . 3 अब आपको यहां पर लार्ज वाले आइकन पर क्लिक करना है , इसके बाद आपको यहां पर विंडो डिफेंडर का विकल्प दिखाई देगा , अब आपको यहां पर अपने कर्सर माध्यम से क्लिक करना है।

Step . 4 अब आपको विंडो डिफेंडर का एक नया विंडो स्क्रीन दिखाई देगा। यहां पर आपको रेड कलर का टर्न ऑन का विकल्प दिखाई देगा।इस विकल्प पर क्लिक करने के बाद आपका विंडो डिफेंडर एक्टिवेट हो जाएगा। यदि यह अपडेट मांगता है , तो कृपया आप इसे अपडेट कर दें।

आवश्यक जानकारी :-

यदि आपके कंप्यूटर या लैपटॉप में पहले से ही कोई एंटीवायरस इंस्टॉल होगा तो यह विंडो डिफेंडर ऑन नहीं होगा और इसके बाद यह अपना कार्य सुचारू ढंग से नहीं करेगा।इसीलिए यह आवश्यक है , कि आपको पहले किसी भी प्रकार के थर्ड पार्टी एंटीवायरस को अपने सिस्टम से डिलीट करना होगा , फिर जाकर आप विंडो डिफेंडर की सुविधा का आनंद ले सकते हैं।

सुपर कंप्यूटर क्या है ? सुपर कंप्यूटर के कार्य

सुपर कंप्यूटर क्या है:- सुपर कंप्यूटर नाम से ही दिमाग में एक अलग तरह के कंप्यूटर की छवि दिखाई देती है। इसे हम बड़े आसान भाषा में समझ सकते हैं परंतु उससे पहले हमें कंप्यूटर के बारे में जानना होगा। कंप्यूटर एक प्रकार की सामान्य मशीन होती है, जो कई प्रकार के information अथवा data को लेकर प्रोसेस करके उसे अपने मेमोरी में store करता है। उसके बाद आवश्यकता अनुसार अथवा सर्च के माध्यम से output देता है।

इसी तरह से हम सुपर कंप्यूटर के बारे में कहे तो यह सामान्य कंप्यूटर के तुलना में ज्यादा तीव्र गति से तथा आकार में बड़ा होता है, जहां कम समय में सैकड़ों निर्देशों का कुछ ही सेकंड में मापन कर सकता है तथा हाई स्पीड कैलकुलेशन परफॉर्मेंस के कारण इसे सुपर कंप्यूटर कहा जाता है।

सुपर कंप्यूटर का इतिहास

सुपर कंप्यूटर जितना विख्यात है, उसका इतिहास भी उतना ही अनोखा है। सबसे पहले सुपर कंप्यूटर 1975 में डेनियल स्लोटनिक ने किया था जिसका नाम इल्लीआक 4 है। इसमें इतनी क्षमता है कि यह एक बार में 64 कंप्यूटर के बराबर कार्य कर सकता है।

दुनिया के कई देशों ने सुपर कंप्यूटर बनाना चालू कर दिया उनमें से चीन, जर्मनी, US, मैक्सिको आदि देश शामिल है। 1980 के दशक में भारत को अमेरिका ने सुपर कंप्यूटर देने से इनकार कर दिया था। भारतीय वैज्ञानिकों ने सी-डेक परम -8000 सुपर कंप्यूटर तैयार किया।

2018 में चाइना ने अभी तक का fastest सुपरकंप्यूटर का निर्माण किया जो पूरी दुनिया में सबसे तेज गति से चलता है जिसका नाम Sunway TaihuLight है।

दुनिया के पांच सर्वश्रेष्ठ सुपर कंप्यूटर

  1. Sunway Taihulight – Chaina
  2. Tianhe -2 – Chaina
  3. Piz Daint – Switzerland
  4. Titan – US
  5. Gyoukou – Japan

सुपर कंप्यूटर के लिए ऑपरेटिंग सिस्टम का उपयोग

लिनक्स ऑपरेटिंग सिस्टम का उपयोग अधिकांश नए सुपर कंप्यूटर में किया जाता है, लेकिन लिनक्स के अलावा अन्य, CentOS, बुलक्स SCS, SUSE और क्रे लिनक्स ऑपरेटिंग सिस्टम सुपर कंप्यूटर के लिए उपयोग किए जाते हैं।

सुपर कंप्यूटर की विशेषताएं

  • सुपर कंप्यूटर प्रति सेकंड में खरगो फ्लोटिंग प्वाइंट संक्रियाएं कर सकता है।
  • इसका उपयोग केवल विशेषज्ञ लोग ही कर सकते हैं।
  • यह अनुसंधान हेतु बड़ा लाभकारी है।
  • इसे ठंडा करने के लिए अलग से व्यवस्था करना पड़ता है।
  • किसी एक स्थान से दूसरे स्थान आसानी से लाया ले जाया नहीं जा सकता है।

सुपर कंप्यूटर के कार्य

  • जलवायु अनुसंधान
  • क्वांटम यांत्रिकी
  • आण्विक मॉडलिंग
  • परमाणु ऊर्जा अनुसंधान
  • मौसम भविष्यवाणी
  • कोड ब्रेकिंग
  • तेल और गैस की खोज
  • ग्राफिक्स एंड डिजाइन
  • जेनेटिक एनालिसिस
  • अंतरिक्ष अनुसंधान
  • जटिल वित्तीय आर्थिक मॉडल
  • भौतिक विज्ञान
  • रसायनिक मॉडल

सुपर कंप्यूटर के लाभ

  • सुपर कंप्यूटर के माध्यम से अंतरिक्ष में होने वाली गतिविधियों पर ध्यान रखा जा सकता है।
  • सुपर कंप्यूटर सामान्य कंप्यूटर की तुलना में हजारों गुना तेजी से काम करता है। जिसका हम फायदा अनुसंधान क्षेत्र में ले सकते हैं।
  • दुनिया में बढ़ रहे साइबर क्राइम को सुपर कंप्यूटर के माध्यम से रोका जा सकता है।
  • सुपर कंप्यूटर के माध्यम से समय तथा संसाधनों को बचाया जा सकता है।

Google speadsheet क्या है || Google speadsheet का उपयोग करने का तरीका

Google speadsheet:- यदि हम पहले कुछ दशक पहले की बात करें तो हमारे पूर्वज हिसाब किताब तथा अन्य लेनदेन की जानकारी एक रजिस्टर में लिख कर रखते थे।

जिसे वह लोग प्रतिदिन अपडेट किया करते थे। यह एक बड़ा ही मुश्किल कार्य हुआ करता था क्योंकि जब हम किसी भी लेनदेन तथा वस्तुओं के बारे में एक सिस्टमैटिक तरीके से किसी जगह लिखकर रखते थे तो उसे बाद में ढूंढने में बहुत समय लगता था।

पहले इस format में कर्मचारियों का रिकॉर्ड, वेतन, ग्राहक का detail आदि की जानकारी लिखा करते थे। इस समस्या को देखते हुए हैं एक माइक्रोसॉफ्ट कंपनी ने एक सॉफ्टवेयर तैयार किया जिसका नाम MS Excel है।

यह सॉफ्टवेयर इन सारे कार्यों को करने में सक्षम हो गया, फिर भी लोगों को इसे चलाने में तथा फाइल आदि ढूंढने में बड़ी समस्या होने लगी। तब इस समस्या को देखते हुए गूगल ने भी अपनी एक Google speadsheet तैयार की इसकी जानकारी हम आपको इस लेख में देंगे।

Google speadsheet क्या है

Google speadsheet एक सॉफ्टवेयर सीट प्रोग्राम है, जिसे गूगल ने बनाया है। हम किसी एक तरह से ms-excel कह सकते हैं। जिससे हम डाटा को स्टोर करके रख सकते हैं तथा इसका एनालिसिस आदि भी कर सकते हैं। इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि इसे हम अपने मोबाइल में सीधे उपयोग कर सकते हैं

Google speadsheet एक टेबल के रूप में row and column में बटा होता है। जिसके माध्यम से आप अपने डाटा को सिस्टमैटिक तरीके से रख सकते हैं तथा इसे बाद में उपयोग भी कर सकते हैं।

Google speadsheet के कार्य

  • यह बड़े से बड़े डाटा को एनालिसिस कर सकता है।
  • यह किसी भी database को तेजी से सर्च कर सकता है।
  • इसके माध्यम से बिजनेस ग्राफिक्स का निर्माण कर सकते हैं।
  • इसके माध्यम से ग्राफ तथा चार्ट आदि का निर्माण कर सकते हैं।
  • इसकी सहायता से सांख्यिकी विश्लेषण भी किया जा सकता है।
  • आप अपने डिपार्टमेंट के बजट, कर्मचारी, वेतन आदि की जानकारी एक बड़ी फाइल बनाकर रख सकते हैं।

Google speadsheet का उपयोग करने का तरीका

  • गूगल मैं जाकर गूगल चार्ट से को सर्च करें आपके सामने गूगल सीट दिखाई देगा इस पर आप क्लिक करें।
  • गूगल शीट का टेंपलेट आपके सामने दिखाई देगा, जिसमें आपको कैलेंडर, बजट आदि दिखाई देंगे इसमें से किसी एक पर आपको क्लिक करना है।
  • आपके द्वारा चयनित सीट पर MS excel की तरह ही कार्य कर सकते हैं।
  • इसके बाद आपके द्वारा बनाई गई सीट को save करके रख सकते हैं और बाद में भी इसका उपयोग कर सकते हैं।

Google speadsheet की विशेषता

  • Google speadsheet का उपयोग एक ही पेज पर एक से अधिक लोग कर सकते हैं।
  • गूगल शीट बिल्कुल फ्री सॉफ्टवेयर है जो बहुत ही बिजनेस के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है।
  • इसके माध्यम से statistical एनालिसिस बहुत ही आसानी से किया जा सकता है।
  • गूगल शीट automatically save होते रहता है।
  • गूगल शीट आपको फॉर्मूला तथा प्राइवेट टेबल जैसे विकल्प भी प्रदान करता है।

मोबाइल नंबर किसके नाम पर है या किस प्रकार से पता करें ?

दोस्तों कभी-कभी ऐसी स्थिति आ जाती है , जब हमें यह जानने के लिए आवश्यकता पड़ जाती है , कि आखिर यह नंबर किसका है और यह मोबाइल नंबर किसके नाम पर रजिस्टर्ड है।

इस जानकारी को पता लगाने के लिए लोग बहुत परेशान होते हैं और ना जाने कितने लोगों से यह पूछते खेलते हैं , कि आखिर किस प्रकार से हम पता लगा सकते हैं , कि कोई भी पर्टिकुलर मोबाइल नंबर किसके नाम पर रजिस्टर्ड है।

मोबाइल नंबर किसके नाम पर है या किस प्रकार से पता करें ?

मगर इस प्रश्न का जवाब लगभग लोगों को इंटरनेट के माध्यम से ही मिल सकता है। आज हमने इन्हीं सवालों के बारे में सोच विचार के इस लेख को आप सबके समक्ष प्रस्तुत करने का निर्णय लिया है।

आज हम इस लेख के माध्यम से आपको बताएंगे , कि कैसे आप किसी भी पर्टिकुलर मोबाइल नंबर की ओनर के बारे में पता लगा सकते हैं। अगर आपको यह रोचक जानकारी जानना चाहते हैं , तो कृपया आप हमारे इस लेख को अंतिम तक अवश्य पढ़ें।

किसी भी मोबाइल नंबर के ओनर का पता कैसे लगाएं ?

कोई भी सिम कार्ड किसके किसके नाम पर रजिस्टर्ड है , यह जानकारी हासिल करने के लिए आपको ऑनलाइन इंटरनेट का सहारा लेना होगा। नीचे हमने कुछ आसान तरीके बताए हैं जिनको आप फॉलो करके यह जानकारी बहुत ही आसानी से प्राप्त कर सकते हैं।

Step . 1 यह जानकारी को हासिल करने के लिए आपको सर्वप्रथम अपने स्मार्टफोन या फिर कंप्यूटर के ब्राउजर में ट्रूकॉलर का ऑफिशल वेबसाइट ओपन कर लेना है।

Step . 2 अब आपको इस वेबसाइट पर एक बॉक्स दिखाई देगा , यहां पर आपको जिस भी मोबाइल नंबर के ओनर के बारे में जानना है , उसका नंबर एंटर करना होगा।

Step . 3 मोबाइल नंबर को इंटर करने के बाद आपको सर्च वाले बटन पर क्लिक कर देना है।

Step . 4 अब यहां पर आपको साइन इन करने का विकल्प दिखाई देगा , यहां पर आप साइन इन विद गूगल पर क्लिक कर दें।

Step . 5 साइन इन करने के बाद आपको मोबाइल नंबर की सारी डिटेल और उसकी लोकेशन के बारे में जानकारी आ जाएगी।

ध्यान दें :-

हम आपको बता दें , कि ट्रूकॉलर की ऑफिशियल एप्लीकेशन भी आपको प्ले स्टोर से मिल जाएगी। इस एप्लीकेशन को प्ले स्टोर पर अच्छी खासी रेटिंग प्राप्त है और इसे मिलियंस में लोगों ने डाउनलोड भी कर रखा है।

कंप्यूटर में डिवाइस ड्राइवर्स क्या होता है और यह कितने प्रकार के होते हैं।

जैसा कि हम सभी लोग जानते हैं , कि आज के इस आधुनिक समय में कंप्यूटर का इस्तेमाल अब आमतौर पर सभी क्षेत्रों में किया जाता है। ऐसे में लोग कंप्यूटर का इस्तेमाल तो करते हैं।

मगर कंप्यूटर के कुछ ऐसे मुख्य भाग होते हैं , जिनको हम रोजमर्रा की जिंदगी में या तो लोगों की जुबान से या अपने कंप्यूटर के प्रयोग के दौरान देखते हैं।

अगर हम कंप्यूटर के कुछ मुख्य भाग के बारे में जानते नहीं हैं या फिर जानना चाहते ही नहीं है।यदि हम कंप्यूटर के इस्तेमाल के साथ साथ हम उसके कुछ मुख्य और महत्वपूर्ण भागों के बारे में जाने तो यह हमारे लिए ही बहुत अच्छी और आवश्यक जानकारी के रूप में कार्य कर सकती है।

आज हम इस लेख के माध्यम से आपको कंप्यूटर के अंदर डिवाइस ड्राइवर क्या होता है और यह कितने प्रकार के होते हैं , इनके बारे में बताने का प्रयास करने वाले हैं। यदि आप भी यह रोचक एवं महत्वपूर्ण जानकारी को जानना चाहते हैं , तो हमारे इस लेख को अंतिम तक अवश्य पढ़ें।

कंप्यूटर डिवाइस ड्राइवर्स क्या होता है ?

कंप्यूटर के अंदर आपको बहुत से मुख्य एवं आवश्यक भाग देखने को मिल जाते हैं , जिनके बिना कंप्यूटर को इस्तेमाल करना बिल्कुल असंभव के बराबर हो जाता है। ऐसे ही कंप्यूटर के मुख्य भागों में device driver होता है । इसे हम डिवाइस ड्राइवर्स या हार्डवेयर ड्राइवर्स भी कह सकते हैं।

आपने देखा होगा या महसूस किया होगा कि जब हम कंप्यूटर को मार्केट से पहली बार खरीदते हैं या फिर किसी से सेकंड हैंड ग्रुप में खरीदते हैं , तो वह अपने सभी प्रकार के डाटा को डिलीट कर देता है और कंप्यूटर एकदम खाली होता है।

कंप्यूटर में डिवाइस ड्राइवर्स क्या होता है और यह कितने प्रकार के होते हैं।

ऐसे में आपको कंप्यूटर को अपने लिए इस्तेमाल में लेने से पहले कंप्यूटर के अंदर आपको कुछ डिवाइस ड्राइवर को इंस्टॉल करना होता है।इसको हम इसलिए इंस्टॉल करते हैं , क्योंकि हम कंप्यूटर के अंदर कई प्रकार के अपने कार्य अनुसार सॉफ्टवेयर या अन्य डाटा को संरक्षित करते हैं और इन्हीं सभी को सुचारू रूप से कार्य करने के लिए डिवाइस ड्राइवर्स का सहारा लिया जाता है।

डिवाइस ड्राइवर्स या हार्डवेयर ड्राइवर्स कंप्यूटर को चलाने में आपको सहायता प्रदान करते हैं।एक प्रकार का ऐसा सॉफ्टवेयर होता है , जो कंप्यूटर को हार्डवेयर से ऑपरेटिंग सिस्टम के साथ कम्युनिकेट करने में सहायता प्रदान करता है।

आप इसी ड्राइवर्स के सहायता से अपने कंप्यूटर को बहुत ही आसानी से और सही प्रकार से इस्तेमाल में ले सकते हैं , फिर चाहे कितने भी आप इसमें अपने अनुसार सॉफ्टवेयर इंस्टॉल करें या कोई अन्य प्रकार के डाटा को संरक्षित करें आपको कोई भी प्रकार की परेशानी नहीं होती है।

कंप्यूटर डिवाइस ड्राइवर्स कितने प्रकार के होते हैं ?

कंप्यूटर के अंदर मुख्य रूप से तीन प्रकार के डिवाइस ड्राइवर्स मौजूद होते हैं , जिनकी सहायता से आप कंप्यूटर को अच्छे तरीके से या सुचारू रूप से प्रयोग में ले सकते हैं।

बिना इन तीन प्रकार के मुख्य डिवाइस ड्राइवर्स के आप कंप्यूटर को अपने इस्तेमाल में नहीं ले सकते हैं। जानते हैं , वह तीन प्रकार के कौन मुख्य डिवाइस ड्राइवर्स होते हैं।

1 . Virtual drivers :-

यह ड्राइवर अन्य डायवर्स के मुकाबले उनसे अलग होते हैं जहां पर ड्राइवर्स की मिलिट्री ज्यादा होती है और हार्डवेयर के पार्ट्स को एक पार्टिकुलर्स ऑपरेटिंग सिस्टम के साथ कार्य करने के लिए अलाउ करता है।

2 . Motherboard drivers :-

मदरबोर्ड ड्राइवर्स एक ऐसे छोटे प्रोग्राम होते हैं , जिन्हें केवल विंडो या लिनक्स के द्वारा ही रीड किया जाता है। यह ड्राइवर्स कंप्यूटर के अंदर साधारण कार्यों को करने के लिए अलाउ करता है।

3 . Bios :-

यह एक प्रकार का मोस्ट बेसिक कंप्यूटर ड्राइवर्स होता है। इसको फर्स्ट प्रोग्राम के हिसाब से डिजाइन किया जाता है। जब भी किसी पीसी को टर्न ऑफ किया जाता है , तो वह बूस्ट हो जाता है। BIOS drivers को मेमोरी में इंस्टॉल किया जाता है , जोकि मदरबोर्ड में बिल्ड होता है।

इंग्लिश से हिंदी ट्रांसलेट करने वाले बेहतरीन सॉफ्टवेयर कौन-कौन से हैं।

आज के समय में लगभग सभी लोग इंग्लिश का ही सहारा प्राइवेट या सरकारी क्षेत्र में लेते हैं। अब लगभग सभी प्रकार के कार्यों को करने के लिए इंग्लिश एक कंपलसरी लैंग्वेज भी हो चुकी।

भले ही हम अपने निजी जीवन में आपस में वार्तालाप करने के लिए हिंदी भाषा का प्रयोग करते हैं , मगर वास्तविकता इंग्लिश को ही अत्यधिक प्रदान की जाती है।

अपने अवश्य गौर किया होगा कि किसी फॉर्म को भरने के के लिए किसी अन्य सरकारी या गैर सरकारी क्षेत्र में नौकरी प्राप्त करने के लिए अत्यधिक इंग्लिश का ही प्रयोग किया जाता है।

इंग्लिश से हिंदी ट्रांसलेट करने वाले बेहतरीन सॉफ्टवेयर कौन-कौन से हैं।

ऐसे में सवाल उठता है कि जिन लोगों को इंग्लिश के बारे में संपूर्ण रूप से जानकारी नहीं है या यूं कहें कि उनको इंग्लिश बोलना पढ़ना या लिखना नहीं आता तो आखिर कैसे इन समस्याओं का समाधान हो सकता है।

इन सभी परेशानियों को मद्देनजर रखते हुए हमने इस लेख को आप सभी लोगों के सामने प्रस्तुत करने का निर्णय लिया है।

आज हम इस लेख के माध्यम से जानेंगे कि कैसे आप अपने हिंदी भाषाई शब्द को इंग्लिश में ट्रांसलेट कर सकते हैं।

इंग्लिश से हिंदी ट्रांसलेट करने के लिए कौन-कौन से बेहतरीन सॉफ्टवेयर है ?

नीचे कुछ ऐसे बेहतरीन सॉफ्टवेयर का वर्णन किया है , जिनकी सहायता से आप इंग्लिश से हिंदी में ट्रांसलेट कर सकते हैं। चलिए जानते हैं , कि आखिर कौन से सॉफ्टवेयर है जो आपकी सहायता करेंगे।

1 . Yandex translate offline translator software

यह बहुत ही बेहतरीन एप्लीकेशन है , जिससे आप आसानी से प्ले स्टोर की सहायता से अपने फोन में डाउनलोड कर सकते हैं। यह लैंग्वेज ट्रांसलेटर एप ऑफलाइन भी कार्य करता है और यह ऑफलाइन रहते हुए 90 भाषाओं को आपके अनुसार ट्रांसलेट कर सकता है।

इसके अतिरिक्त इस एप्लीकेशन के अंदर आपको डिक्शनरी भी मिल जाएगी जिसकी सहायता से आप किसी भी शब्द का मतलब बहुत ही आसानी से जान सकते हैं।

अब तक लगभग इसे प्ले स्टोर से 5 मिलियन से भी अधिक लोग डाउनलोड कर चुके हैं। यह बहुत ही आसान ऐप है , इसका प्रयोग करना बहुत ही आसान है ।

2 . I translate translator and dictionary

एक ऐसी एप्लीकेशन है , जिसकी सहायता से आप इंग्लिश को हिंदी में कन्वर्ट कर सकते हैं , इसके अतिरिक्त आप वॉइस टू वॉइस भी ट्रांसलेट कर सकते हैं।

एक ऐसा फीचर है , जिसकी सहायता से आप किसी भी अन्य व्यक्ति की भाषा को अपने अनुसार ट्रांसलेट करके समझ सकते हैं।

एप्लीकेशन की सहायता से आप लगभग 40 भाषाओं को अपने अनुसार ट्रांसलेट कर सकते हैं और वह भी बिल्कुल फ्री में।इंग्लिश टू हिंदी के अतिरिक्त आप भारत की किसी भी लैंग्वेज को अपने अधिकार ट्रांसलेट कर सकते हैं। इसे आप आसानी से प्ले स्टोर से डाउनलोड कर सकते हैं।

3 . Google translate English to Hindi translator

जैसा कि हम सभी लोग जानते हैं , कि गूगल अपने उपभोक्ताओं को न जाने कितने सेवाओं को फ्री में उपलब्ध करवाता है।

ऐसे ही गूगल ने अपने गूगल ट्रांसलेटर को भी फ्री में अपने उपभोक्ताओं के लिए तैयार किया हुआ है। इसे प्ले स्टोर से 500 मिलियन से भी अधिक लोग डाउनलोड कर चुके हैं।इसकी सहायता से आप दुनिया भर की किसी भी लैंग्वेज को अपने अनुसार ट्रांसलेट कर सकते हैं।

इसके अतिरिक्त आप किसी भी हार्ड कॉपी या फॉर्म के ऊपर कैमरे को चालू करके फॉर्म पर उस भाषा को अपने अनुसार ट्रांसलेट कर सकते हैं।

एप्लीकेशन ऑफलाइन भी कार्य करता है और इतना ही नहीं इसमें ट्रांसलेट किए गए सभी प्रकार के वाक्य को सुरक्षित करके रखने के लिए भी सुविधा प्रदान की गई है ।

4 . U dictionary app

आज के समय में यह सभी प्रकार के ट्रांसलेटर ऐप में सबसे प्रसिद्ध ट्रांसलेटर एप बन चुकी है। लगभग इसे आप हर एक स्मार्टफोन यूजर के अंदर इंस्टॉल देख सकते हैं।

इस एप्लीकेशन में आपको 108 भाषाओं को ट्रांसलेट करने की सुविधा दी।इतना ही नहीं इस एप्लीकेशन के अंदर आपको एक मैजिक बॉल भी दिया जाता है इसकी सहायता से आप किसी भी लैंग्वेज पर उसे ले जाने के बाद उसे अपनी भाषा में ट्रांसलेट कर सकते हैं।

ट्रांसलेटर एप्लीकेशन के अंदर आपको बहुत से आकर्षित कर देने वाले फीचर मिल जाएंगे।इस एप्लीकेशन को भी आप पर स्टोर पर बहुत ही आसानी तरीके से डाउनलोड कर सकते हैं और यह बिल्कुल मुफ्त होती है।

अपने लैपटॉप के जरिए कैसे हम वीडियो कॉल कर सकते हैं।

जब से पूरा विश्व टेक्नोलॉजी और इंटरनेट से जुड़ा है , तब से लैपटॉप एवं अन्य इलेक्ट्रॉनिक गैजेट काफी चलन में आ चुके हैं।

आज के आधुनिक समय में लगभग हर एक प्रकार के कार्य को इंटरनेट एवं अन्य गैजेट की सहायता से पूरा किया जाता है , जिससे समय की भी बचत हो सकती है।

ऑनलाइन के क्षेत्र में लैपटॉप भी अपनी अहम भूमिका निभाते हुए नजर आता है और हम देखते हैं , कि आज के समय में लगभग हरेक प्रकार के कार्य को लैपटॉप की सहायता से किया जाता है।

अपने लैपटॉप के जरिए कैसे हम वीडियो कॉल कर सकते हैं ?

लैपटॉप की सहायता से न जाने कितने ऐसे कार्यों को बहुत ही आसानी से किया जा सकता है , जो अगर हम करने बैठे तो काफी समय लग जाए।

यदि आप अपने परिवार से मेरे दूर रहते हैं और उसे देखना चाहते हैं तो आप वीडियो कॉलिंग की सहायता से अपने परिवार के सदस्यों से ऑनलाइन वीडियो फीचर्स के साथ एक दूसरे को देख सकते हैं।

अच्छा लगता कि आखिर क्या लैपटॉप से वीडियो कॉलिंग संभव है , तो इसका जवाब बिल्कुल हां है , सर आज के समय में आप लैपटॉप से भी वीडियो कॉलिंग कर सकते।

आज हम इस लेख के माध्यम से जानेंगे , कि कैसे आप अपने लैपटॉप से वीडियो कॉलिंग कर सकते हैं

लैपटॉप के जरिए वीडियो कॉलिंग कैसे करें ?

यदि आप अपने लैपटॉप के जरिए वीडियो कॉलिंग करना चाहते हैं , तो सबसे पहले आपके लैपटॉप में इंटरनेट की उपलब्धता होनी आवश्यक है।

इंटरनेट कनेक्शन के आप किसी भी प्रकार के ऑनलाइन कार्य को नहीं कर सकते हैं। इंटरनेट का कनेक्शन आप अपने वाईफाई या फिर ब्रॉडबैंड की सहायता से ले सकते हैं ।

लैपटॉप को इंटरनेट से कनेक्ट करने के बाद नीचे कुछ स्टेप दिए गए हैं , जिनका आप अनुसरण करके वीडियो कॉलिंग कर सकते हैं।

फेसबुक के जरिए :-

फेसबुक पर जरिया बहुत ही आसानी से अपने लैपटॉप से वीडियो कॉलिंग कर सकते हैं। इसके लिए आपका फेसबुक अकाउंट होना आवश्यक है।

आज के समय में लगभग हर एक व्यक्ति के पास फेसबुक अकाउंट होता ही है । बस आपको अपने ब्राउज़र में जाकर अपना फेसबुक अकाउंट खोलना है और फिर यहां से आप बड़ी ही आसानी से वीडियो कॉलिंग कर सकते हैं।

स्काइप के जरिए :-

आज के समय में लगभग हर एक लैपटॉप के अंदर आपको इस टाइप इंस्टॉल देखने को मिलता है , क्योंकि इस सॉफ्टवेयर के जरिए आप अच्छी वीडियो कॉलिंग कर सकते हैं।

आपके लैपटॉप में स्काइप नहीं है , तो आप इसे ऑनलाइन गूगल के जरिए डाउनलोड कर सकते हैं।

बस आपको इसे इंस्टॉल करने के बाद इसमें अपना अकाउंट बनाना है और फिर आप जिसे चाहे उसे अच्छी वीडियो कॉलिंग क्वालिटी के साथ उसे वीडियो कॉल कर सकते हैं।

ध्यान दें :-

आज के समय में आप और भी ऐसे सॉफ्टवेयर हैं , जिनकी सहायता से वीडियो कॉलिंग कर सकते हैं। बस आपको इसके लिए थोड़ा सा रिसर्च करना होगा या फिर आप गूगल का या यूट्यूब का सहारा भी ले सकते हैं।